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ड्रैगन भारत में घुसने की फिराक में

दो दिन पहले सिक्किम में हुए चीन और भारत के टकराव से एक बात तो पूरी तरह साफ़ हो चुकी है, चीन की बौखलाहट का सिर्फ एक कारण है और वो है भारत के प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच बढ़ते सम्बन्ध।
अपने रूखेपन के लिए चर्चित ट्रम्प श्री मोदी जी के साथ गर्मजोशी के साथ मिले। जो आम तौर पर बड़े राजनेताओं से सिर्फ हाथ मिला कर फ़र्ज़ अदायगी कर देते है वो प्रधानमत्री से गले मिले और एक दूसरे की पीठ थपथपाई। 

इसी अफरा-तफरी में चीन द्वारा घुसपैठ, उनके द्वारा भारतीय सीमा में दो बंकरों को तोड़ने और उनको रोकने के लिए भारतीय सैनिकों द्वारा बनाई गयी मानव श्रृखंला से धक्का मुक्की करने के बाद अब चीन ने 1890 में हुई चीन-ब्रिटिश की संधि का हवाला देते हुए ये धमकी दे दी है कि वो धरती मूलतः चीन की है। फिर तो मैं एक बात और कह दूँ कि जिस इतिहास को चीन कुरेद रहा है उसमे थोड़ी और गहराई पर जाएगा तो उसे मालूम चलेगा कि कैलाश मानसरोवर के साथ-साथ लद्दाख भी भारत के स्वामित्व में था। 
सिक्किम सेक्टर  डोंगलांग के जिस इलाके में चीन की ओर से सड़क बनाने का भारतीय सैनिकों ने विरोध किया था, वहां चीन का कहना है कि ये सीमा भूटान से लगती है और भारत तीसरा पक्ष है उसे इसमें बोलने का अधिकार नहीं है, जबकि सच्चाई  है कि भूटान के विदेश और रक्षा मामलों को भारत देखता है और ऐसे में भारत को चीन से इस मसले को सुलझाने का पूरा हक है।

रही बात जर्नल बिपिन रावत के सिक्किम दौरे की तो उस दौरे के बाद से ही चीन के सीने पर सांप लोट रहा है। और चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने ये भी कहा है कि हम भारत को अपनी सेना तुरंत हटा लेनी चाहिए। चीन सिर्फ यहीं नहीं रुका और ये भी कह डाला कि भारत को अपना इतिहास भूलना नहीं चाहिए। 

गौरतलब हो कि तत्कालीन प्रधानमन्त्री जवाहर लाल नेहरु हिंदी-चीनी भाई-भाई को लेकर इतना ज्यादा पागल थे कि उन्होंने उस समय चीन सीमा से अपनी फ़ौज हटा ली थी और बारूद-हथियार बनाने वाले तमाम कारखानों को बंद करवा दिया था। उसी दौरान हुए 1962 के युद्ध का परिणाम आने वाली नस्लों को अपने सर लेकर चलना पड़ रहा है। 

तिब्बत पर चीन का कब्ज़ा होने के बाद उससे मर्माहत डा. राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि, वह देश और उसके लोग बड़े अभागे होते है जिनके देवता किसी और देश में बसते है।
चीन से इस मोर्चे पर लोहा लेने के लिए बस एक ही काम हो सकता है वो है अपनी सेना और सैन्य शक्ति का विस्तार जो भारत की वर्तमान सरकार बखूबी कर रही है।
#DilToFaujiHaiJi_KING

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