home

contact us

Contact Us

  • Black Facebook Icon
  • Black Twitter Icon
  • Black Instagram Icon

To Get quick replies to your queries, write us at 

faujikealfaaz@gmail.com or WhatsApp us at

+91-880-29-880-88

2538/6, E-II-66, Badarpur, New Delhi-110044

मन क्यों बहका रे बहका आधी रात में

 

एक पोस्ट पढ़ने के बाद मेरे मन में एक प्रश्न उठ रहा है। मुझे कानूनी सलाह की भी आवश्यकता है।
"आजकल सभी न्यूज़ चैनलों पर हर ब्रेक में एक प्रचार आता है और इस प्रचार में आती है 'सनी लियोनी'।
इस एडवर्टाईजमेंट में गाना चलता है "मन क्यों बहका रे बहका आधी रात में " और इतने अश्लील ढंग से कपड़ा उतारते और बेड पर लेटते दिखाया जाता है कि परिवार व बच्चों के बीच बैठे एक सभ्य परिवार के व्यक्ति का सर शर्म से झुक जाता है। आखिर ऐसे कैसे किसी को परिवार के बीच में बैठ कर अश्लीलता देखने को मजबूर किया जा सकता है?
क्या हम किसी भी वस्तु के प्रचार को सभ्य ढंग से नही दिखा सकते? क्या हर सामान को बेचने के लिए (चाहे वह एक पानी का बोतल हो या अंडरवेयर और बनियान, चाहे वह परफ्यूम हो या शेविंग ब्लेड) इनके विज्ञापनों में अधनंगी लड़कियों, किसिंग सीन का होना, भद्दे तरीके से लिपटा लिपटी दिखाना आवश्यक है?
क्या ये मेरे राइट टू वॉच में सेंध नही है?
मैं क्या देखूँ क्या नही, ये कोई और ही तय करेगा क्या?
क्या इस जंगली और अश्लील मीडिया और विज्ञापनों पर कोई कानूनी रास्ता अपनाया जा सकता है या नही?
क्या समाज में उन लोगों को जीने का कोई हक नही है जो अपने परिवार को इस गंदगी से दूर रखना चाहते हैं? मैं इस पर कानूनी सलाह भी चाहता हूँ कि इसे रोकने के लिए क्या संभव कदम उठाये जा सकते है।
मैं अपने मीडियातंत्र, सरकार, समाजविद्, सभी से यह सवाल पूछना चाहताहूँ कि क्या ये मेरी अकेले की समस्या है?
क्या उनके घरों में टीवी नही चलता, क्या उनको भी शर्म आती है?
Narendra Modi जी मैं आपसे हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ कि कृपया हमें इस विभिषिका से बचाईये। भारतीय संस्कारी समाज की जड़े कफी हद तक खोखली हो चुकी है लेकिन जो बची है उन्हें बचाने की कृपा करिए।
और बुद्धिजीवियों से मेरी हाथ जोड़ के प्रार्थना है कि मुझे 'आधुनिकता का ज्ञान' न दें।"
जय हिन्द, जय भारत।

Share on Facebook
Share on Twitter
Please reload

Featured Posts

ये भी एक मानसिकता!

1/10
Please reload