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कुलभूषण की माँ के साथ बदसलूकी का पूरा किस्सा!

 

 

 

 

"एक बूढ़ी माँ अपनी बहु के साथ अपने 47 साल के बेटे जो पाकिस्तान की कैद में है, से मिलने सीमा पार चली जाती हैं। उस बूढ़ी आँखों ने पिछले 22 महीनों से अपने लाल को देखा तक नहीं था। कई मिन्नतों के बाद उसकी दुआ भगवन ने सुनी और पाकिस्तान ने उसकी अर्जी मान ली। माहौल तो ख़ुशी का होगा ही उसके मन में, हो भी क्यों न वो अपनी बहु के साथ अपने बेटे से मिलने जो जा रही है। पाकिस्तान में उसके लिए क्या खतरे हो सकते है उन सब की परवाह किये बगैर ही वो दोनों एक भारतीय राजनीतिज्ञ के साथ दुबई होते हुए पाकिस्तान के इस्लामाबाद जा पहुँची।

पूरी दुनिया में ये क्रिसमस का दिन है, लेकिन पाकिस्तान में ये दिन और भी ख़ास था क्योंकि 25 दिसम्बर पाकिस्तान के राष्ट्र-पिता का दिन था, ठीक वैसे ही जैसे हिन्दुस्तान में 2 अक्तूबर मनाया जाता है। अब इससे अच्छा दिन और क्या हो सकता था उस माँ के लिए अपने बेटे से मिलने का।

वो बूढ़ी औरत अपने पल्लू का संभाले वहां तक पहुँच गयी जहाँ उसका बेटा उससे मिलने वाला था। अन्दर पहुँचने के बाद सुरक्षा के नाम पर उसकी शारीरिक जांच शुरू की गयी। लेकिन ये तो बड़ा ही अजीब था कि उसके बालों में लगी वो पिन भी निकलवा ली गयी जो उसने बालों को संभालने के लिए लगायी हुई है। उनके माथे पर लगी वो बिंदी भी पाकिस्तान को नागवार गुज़री... सिन्दूर भी हटा दिया गया... खुद ही सोचिये क्या बीती होगी उस महिला पर जिसे उसे पति के जीवित रहते ही मंगलसूत्र तक उतरवा लिए गए हों... उन दोनों महिलाओं के फ़ोन जमा करवा लिए गए और सबसे बुरा जानते हैं कि क्या हुआ उस माँ के साथ? वो माँ अपने साथ कुछ खाना ले कर आई थी... सोचा था अपने बेटे को अपने हाथ से खिला सकेगी... लेकिन उसे भी उससे छीन लिया गया क्योंकि उन्हें ये अंदेशा था की वह अपने बेटे को ज़हर दे देगी।

तस्वीर में वो शीशे की दीवार देखिये... देखिये इस परत को... टिश्यू पेपर को देखिये... एक टेलीफोन भी रखा है ज़रा उसपर भी गौर करिए। टेलीफोन के रिसीवर पर टेप लगा हुआ है... वो टेलीफोन सिर्फ इसलिए है कि उस शीशे के दीवार के आर-पार उस टेलीफोन से बात की जा सके वो भी स्पीकर पर... और तो और एक विडियो कैमरा भी लगा हुआ है उस कमरे में...।

वो बेबस बूढी माँ अपने बेटे को छूना चाहती है... उसका हाथ पकड़ना चाहती है... उसे गले लगा कर जी भर कर रोना चाहती है... लेकिन वो ऐसा कुछ नहीं कर सकती है... उसकी आँखों से आंसू बह रहे हैं... पाकिस्तानियों को पता था की वो रोएगी इसलिए उन्होंने वो टिश्यू पेपर भी रखे हुए हैं ताकि वो बेबस माँ अपने आंसू पोंछ सके... कुल-भूषण की पत्नी और उसके बेटी की माँ शांत हैं...

दोनों के बीच क्या बात हो रही है सब टेलीफोन में रिकॉर्ड हो रहा है...

उसकी माँ को मराठी बोलने से मन कर दिया गया... सिर्फ हिंदी बोलने की इज़ाज़त दी गयी...

भारतीय राजनीतिज्ञ एक तीसरे कमरे से सब कुछ देख रहा है लेकिन कुछ सुन नहीं सकता... लेकिन पाकिस्तानी अफसर जो की चौथे कमरे में है सब कुछ देख सकते है, सब कुछ सुन सकते हैं... वो पाकिस्तानी माँ और बेटे की बातों को सुन रहें है, उनके आंसुओं को भी देख रहें हैं... कितने क्रूर हैं वो लोग...

उसकी माँ और पत्नी को 35 मिनट दिए गए, माँ ने और समय माँगा... 5 मिनट और दिए गए...

माँ उस जगह से बहार आ गयी... पाकिस्तानी मीडिया ने उन दोनों महिलाओं को घेर लिया और ये कहकर चिल्लाने लगे कि देखिये इस आतंकी की माँ को... पाकिस्तानी अफसर हंस रहे थे....

 

पाकिस्तानी अफसर ने अंग्रेजी में एक बयान दिया है, सुनाता हूँ... “ Let me be very clear that Pakistan permitted the Indian request totally on humanitarian grounds in line with Islamic principles and teachings. Islam is a religion of peace… and it was a gesture of good faith and compassion,”

 

हो सकता हो कि ये पाकिस्तानी अफसरों द्वारा दिया गया सबसे अच्छा फैसला हो लेकिन ये उन दोनों महिलाओं के अपमान से ज्यादा कुछ नहीं था... कुलभूषण जाधव का जुर्म अभी भी अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में साबित नहीं हुआ है... ये बाद की बात है कि फैसला क्या आता है.. जो भी हो, in सब में उसकी माँ का कोई कसूर नहीं था...

 

अगर वो अपने बेटे से गले नहीं मिल पायी... उसे छू नहीं पायी... कुलभूषण अपनी माँ के पैर नहीं छू सका... तो पाकिस्तान इसे मानवता किस आधार पर कह रहा है...

अगर उसकी माँ को ये पता होता कि वह अपने बेटे से इसी तरह मिलने वाली है तो वो इस्लामाबाद क्यों जाती? वो दिल्ली में पाकिस्तानी एम्बेसी जाती और फ़ोन पर ही अपने बेटे से बात कर लेती... ये पाकिस्तान का एक दिखावा है कि वह मानवाधिकारों की इज्ज़त करता है...

हाँ लेकिन कुलभूषण की माँ ने जाते-जाते भी अपने बेटे से मिलने के लिए पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया...

आशा करते हैं कि हिन्दुस्तान की कुलभूषण से यह मुलाकात आखिरी न हो।

जय हिन्द, जय भारत।"

#DilToFaujiHaiJi

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